Monday, 27 November 2017

अंदर.. कोई झांके तो टुकड़ो में मिलेंगे,
यह हंसता हुआ चेहरा तो ज़माने के लिए है।

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जिनके इरादे 'मेहनत' की स्याही से लिखे होत है... उनकी 'किस्मत' के पन्ने कभी खाली नहीं होते...!!