आपके इंतजार में कब से उदास बैठे हैं,
आपके दीदार में आँखे बिछाये बैठे हैं,
आप एक नज़र हम को देख ले बस,
इस आस में कब से बेकरार बैठे हैं......!!
आपके दीदार में आँखे बिछाये बैठे हैं,
आप एक नज़र हम को देख ले बस,
इस आस में कब से बेकरार बैठे हैं......!!
जिनके इरादे 'मेहनत' की स्याही से लिखे होत है... उनकी 'किस्मत' के पन्ने कभी खाली नहीं होते...!!
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