गम की उलझी हुई लकीरों में अपनी तक़दीर देख लेता हूँ,
आईना देखना तो दूर रहा बस आपकी तस्वीर देख लेता हूँ......!!
आईना देखना तो दूर रहा बस आपकी तस्वीर देख लेता हूँ......!!
जिनके इरादे 'मेहनत' की स्याही से लिखे होत है... उनकी 'किस्मत' के पन्ने कभी खाली नहीं होते...!!
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