हर बार हम पर,
इल्ज़ाम लगा देते हो मोहब्बत का,
कभी खुद से भी पूछा है,
इतने हसीन क्यों हो.........!!
इल्ज़ाम लगा देते हो मोहब्बत का,
कभी खुद से भी पूछा है,
इतने हसीन क्यों हो.........!!
जिनके इरादे 'मेहनत' की स्याही से लिखे होत है... उनकी 'किस्मत' के पन्ने कभी खाली नहीं होते...!!
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