रात चुप है मगर चांद खामोश नहीं,
कैसे कहूँ आज फिर होश नहीं,
इस तरह डूबा हूं आपकी मोहब्बत की गहराई में,
हाथ में जाम है और पीने का होश नहीं..........!!
कैसे कहूँ आज फिर होश नहीं,
इस तरह डूबा हूं आपकी मोहब्बत की गहराई में,
हाथ में जाम है और पीने का होश नहीं..........!!
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