ज़ख़्म दे कर ना पूछा करो
दर्द की तुम शिद्दत,
दर्द तो दर्द होता हैं, थोड़ा क्या और ज्यादा क्या।.
दर्द की तुम शिद्दत,
दर्द तो दर्द होता हैं, थोड़ा क्या और ज्यादा क्या।.
जिनके इरादे 'मेहनत' की स्याही से लिखे होत है... उनकी 'किस्मत' के पन्ने कभी खाली नहीं होते...!!
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