आपके हर दुख को अपना बना लू,
आपके हर गम को दिल से लगा लू,
मुझे करनी आती नहीं चोरी वर्ना,
मैं आपकी आंखो से हर आंसू चुरा लू.......!!
आपके हर गम को दिल से लगा लू,
मुझे करनी आती नहीं चोरी वर्ना,
मैं आपकी आंखो से हर आंसू चुरा लू.......!!
जिनके इरादे 'मेहनत' की स्याही से लिखे होत है... उनकी 'किस्मत' के पन्ने कभी खाली नहीं होते...!!
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