Sunday, 26 November 2017

चिरागों में अगर नूर न होता,
तो तन्हा दिल इतना मजबूर न होता,
कसम से हम आपसे मिलने ज़रुर आते,
अगर आपका आशियाना इतना दूर न होता.........!!
हर नज़र को एक नज़र की तलाश है,
हर चेहरे में कुछ तो एहसास है,
आपसे दोस्ती हम यूँ ही नही कर बैठे,
क्या करें हमारी पसंद ही कुछ खास है.......!!
पी के रात को हम उनको भुलाने लगे,
शराब में गम को मिलाने लगे,
दारू भी बेवफा निकाली यारों,
नशे में तो वो और भी याद आने लगे..........!!
रात चुप है मगर चांद खामोश नहीं,
कैसे कहूँ आज फिर होश नहीं,
इस तरह डूबा हूं आपकी मोहब्बत की गहराई में,
हाथ में जाम है और पीने का होश नहीं..........!!
आपके दिल में मेरी साँसो को जगह मिल जाए,
आपके इश्क़ में मेरी जान फना हो जाए,
अधूरी साँसें थी, धडकन अधूरी थी ओर अधूरे हम,
मगर अब चांद पूरा है फलक पे और अब पूरे हैं हम.........!!
इश्क़ ने हमें नाकारा बना दिया है गालिब
वरना हम भी बन्दें काम के थे......!!
हर सागर के दो किनारे होते हैं
कुछ लोग जान से भी प्यारे होते हैं
ये जरूरी नहीं की हर कोई पास हो कियोकि
जिंदगी में यादो के भी सहारे होते हैं....!!

जिनके इरादे 'मेहनत' की स्याही से लिखे होत है... उनकी 'किस्मत' के पन्ने कभी खाली नहीं होते...!!