Monday, 25 December 2017

आपके सिवा कौन ‎समा सकता है ‎मेरे दिल में,
रूह भी गिरवी रख दी है मैंने ‎ आपकी चाहत में.......!! 

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जिनके इरादे 'मेहनत' की स्याही से लिखे होत है... उनकी 'किस्मत' के पन्ने कभी खाली नहीं होते...!!