Saturday, 3 March 2018

मुझे लत तुम्हारी लगी है...
और इल्जाम मोबाइल पर आता है.....!!
तू मेरे लफ़्ज़ लफ़्ज़ में ज़ाहिर है...!!!

मैं बस तेरी ख़ामोशियों में गुम हूँ...!!!
लग जाऊं गले से...आपको बांहों में भर लूं...
तोड़ कर सारी बंदिशे आपकी पनाहों में जी लूं.....!! 😘 
बड़ी शिद्दत से चाहत महसूस हो रही है आपकी...
न जाने क्यूँ आपके बिना दिल लगता नही मेरा.......!!😘 
ख़्वाब आँखें मे अब आते ही नहीं...
जब से इन आँखों में तुम समाएं हो...!! 
मोहब्बत का मजा तो पागलपन में ही है
समझदारियों में तो इश्क घुटन बन जाता है......!!
आपका ही रंग ओढ़कर तो,,,
मैं..खुशनुमा हूँ ,
आप ही आप हो मुझमें....मैं कहाँ हूँ......!! 

जिनके इरादे 'मेहनत' की स्याही से लिखे होत है... उनकी 'किस्मत' के पन्ने कभी खाली नहीं होते...!!