Saturday, 3 March 2018

तू मेरे लफ़्ज़ लफ़्ज़ में ज़ाहिर है...!!!

मैं बस तेरी ख़ामोशियों में गुम हूँ...!!!

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जिनके इरादे 'मेहनत' की स्याही से लिखे होत है... उनकी 'किस्मत' के पन्ने कभी खाली नहीं होते...!!