Friday, 22 December 2017

लबो पर लफ्ज़ भी अब आपकी तलब लेकर आते हैं,
आपके जिक्र से महकते हैं और आपके सजदे में बिखर जाते हैं.....!! 
वो खुद पे इतना गुरूर करते हैं,
तो इसमें हैरत की बात नहीं,
जिन्हें हम चाहते हैं,
वो आम हो ही नहीं सकते......!! 
सूनो… एक साँस भी पूरी नहीं होती.. आपको सोचे बिना,
आपने ये कैसे सोचा कि पूरी जिंदगी गुजार लेंगे हम आपके बिना.....!! 

Wednesday, 13 December 2017

नींद से क्या शिकवा जो आती नहीं रात भर,
कसूर तो आपके चेहरे का है जो सोने नहीं देता......!!
आपकी याद क्यों आती है, ये मालूम नहीं,
लेकिन जब भी आती है बहुत अच्छा लगता है........!!
कुछ तो अलग है शख्सियत आपकी वरना,
इतनी भीड़ में एक आप ही अपने-से क्यों लगे........!!
जब से देखा हैं आपको मुझे अपना होश नहीं
ना जाने क्या आप नज़रो से मुझे पिला देतें हो.....!!

जिनके इरादे 'मेहनत' की स्याही से लिखे होत है... उनकी 'किस्मत' के पन्ने कभी खाली नहीं होते...!!