यादों की धुंध मे आपकी परछाईं सी लगती है,
कानो मे जो गूंजती है वो हंसी आपकी लगती है,
आप करीब हो तो अपनापन है,
वर्ना सीने मे साँसे भी पराई सी लगती है..........!!
कानो मे जो गूंजती है वो हंसी आपकी लगती है,
आप करीब हो तो अपनापन है,
वर्ना सीने मे साँसे भी पराई सी लगती है..........!!