Sunday, 26 November 2017

आपकी याद ने मुझको बेक़रार कर दिया,
तन्हा जीना मेरा दुशवार कर दिया,
सोचा आज अपको हम याद न करे,
कमबख्त दिल ने धड़कने से ही इंकार कर दिया.........!! 
आदत बदल दू कैसे आपके इंतेज़ार की,
ये बात अब नही है मेरे इकतियार की,
देखा भी नही आपको फिर भी याद करते है,
बस एक प्यारी सी खुश्बू है मेरे दिल मे आपके प्यार की.......!!
वैसे तो कोई बुरी आदत नहीं है हमें,
बस आपको  याद करने की थोड़ी लत लग गई है.....!!
नज़रों से दूर रह कर भी.....
किसी की सोच मैं रहना,
किसी के पास रहने का तरीक़ा हो तो ऐसा हो........!!
काश हम आपसे मिल पाते,
आपको अपने गले से लगा पाते,
नजरें तरसती है आपके दीदार को,
कुछ पल ही सही,
पर काश हम आपकी सिर्फ़ एक झलक भी देख पाते..........!!
कितनी अजीब है इस शहर की तन्हाई भी,
हज़ारो लोग है मगर फिर भी कोई आप जैसा नहीं......!!
आखिर किस कदर खत्म कर सकते है उनसे रिश्ता,
जिनको सिर्फ महसूस करने से हम दुनिया भूल जाते है.......!! 

जिनके इरादे 'मेहनत' की स्याही से लिखे होत है... उनकी 'किस्मत' के पन्ने कभी खाली नहीं होते...!!