Thursday, 24 May 2018

आ जाओ किसी रोज़ आप तो आपकी रूह मे उतर जाऊँ...
साथ रहूँ मैं आपके न किसी और को नज़र आऊँ...
चाहकर छू न सके मुझे कोई इस तरह...
आप कहो तो यूं आपकी बाहों में बिखर जाऊँ...!!😘

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जिनके इरादे 'मेहनत' की स्याही से लिखे होत है... उनकी 'किस्मत' के पन्ने कभी खाली नहीं होते...!!