Monday, 19 March 2018

ख्वाब ही ख्वाब कब तलक देखूँ...
काश...इक झलक आपको भी देखूँ....!!😘
जब कोई नहीं होता साथ...
आपका एहसास मेरे साथ रहता हैं...!!😘
होंठो ने आपका ज़िक्र न किया पर  मेरी आंखे आपको पैग़ाम देती है...
हम दुनियाँ' से आपको छुपाएँ भी तो कैसे मेरी हर शायरी आपका ही नाम लेती है...!!😘
काश ऐसा होता...
आप होते आपका साथ होता...!!😘 
तकलीफ मे हो आप...
बस यही तकलीफ है मेरी...
न जाने क्यूं आपके दर्द से,
दिल बेचैन होता है...!!😘
जो मैं वक़्त बन जाऊं आप बन जाना लम्हा...
मैं आप में गुजर जाऊं...आप मुझ में गुजर जाये...!!😘
वक़्त हमारा हो और साथ आपका हो...
हर लम्हा ठहर जाए...
जब  हर एहसास में...एहसास आपका हो...!!😘

जिनके इरादे 'मेहनत' की स्याही से लिखे होत है... उनकी 'किस्मत' के पन्ने कभी खाली नहीं होते...!!