Friday, 2 March 2018

दूर होकर भी मुझसे वो दूर नहीं
वो मुझमें कुछ यू बसा हुआ है....!! 
आपका ख्याल भी... एक खूशबू की तरह  हैं...
एक बार आ गया तो पूरा दिन ज़हन में  रहता है....!! 
जिसके ख़याल से, लबों पे तबस्सुम आ जाय
  क्या आलम होगा..अगर वो रूबरू आ जाय...!!

Thursday, 1 March 2018

मैं दिखूं...... न दिखूं, बस मुझे
      अपने 'अहसासों' में महसूस करना
मैं #लिखूं.. न लिखूं, बस मुझे
       मेर 'शब्दों' में ही पड़ लेना....!! 
मुझे मोक्ष की अब चाहत नही...
तुम्हारा मिलना ही मेरे लिए काफी है...!! 
बहुत आराम है तुम्हारी दी थपकियों में...
चले आओ की अब जी भर मुझे सोना है...!! 
तुम्हारें मिलनें से मुझे वो सबकुछ मिला है...
जो मेरे हिस्से में भी नही था जो मेरे किस्से में भी नही था...!! 

जिनके इरादे 'मेहनत' की स्याही से लिखे होत है... उनकी 'किस्मत' के पन्ने कभी खाली नहीं होते...!!