Wednesday, 13 December 2017

तेरे हुस्न को अब परदे की ज़रुरत नहीं...
कौन होश में रहता है तुझे देखने के बाद.....!!

Tuesday, 12 December 2017

कुछ तो अलग है शख्सियत आपकी वरना,
इतनी भीड़ में एक आप ही अपने-से क्यों लगे........!! 

Friday, 8 December 2017

आपके होगें चाहने वाले बहुत इस कायनात में,
मगर इस पागल की तो कायनात ही आप हो.........!!
हमेशा के लिए रखलो ना मुझे पास अपने,
कोई पूछे तो बता देना किरायेदार है दिल का........!!
बात मुक्कदर पे आ के रुकी है वर्ना,
कोई कसर नहीं छोड़ी आपको चाहने में.......!!
💕💕कई शाम गुजर गई., कई राते गुजर गई.....
ना गुजरा तो सिर्फ एक लम्हा., वो तेरे इंतजार का...!!💕💕

Thursday, 30 November 2017

मैं याद तो हूँ उसे, पर ज़रूरत के हिसाब से,
लगता है मेरी हैसियत, कुछ नमक जैसी है​।

जिनके इरादे 'मेहनत' की स्याही से लिखे होत है... उनकी 'किस्मत' के पन्ने कभी खाली नहीं होते...!!