Thursday, 30 November 2017

ना जाने कैसा रिश्ता है इस दिल का आपसे ..
धड़कना भूल सकता है पर आपका नाम नही​।
लो मैं आखों पे हाथ रखता हूँ,
आप अचानक कहीं से आजाओ...!!😘 
आप की याद दिल बेकरार करती है,
नजर तलाश आपको बार-बार करती है,
गिला नहीं जो हम दूर है आपसे,
आप की जुदाई भी हमसे प्यार करती है! 
वो जिन्हें हमने सोंपी है दिल की सभी धडकनें,
वो अपना एक पल देने को हजार बार सोचते है।
नफ़रत करते तो.. अहमियत बढ़ जाती उनकी,
मैंने.. माफ़ कर के उनको शर्मिंदा कर दिया।
सुना है आप ज़िद्दी बहुत हो,
मुझे भी अपनी जिद्द बना लो।
ये जो तुम मुझसे बात नहीं करते,
ये नफरत की निशानी है या प्यार हो जाने का डर।

जिनके इरादे 'मेहनत' की स्याही से लिखे होत है... उनकी 'किस्मत' के पन्ने कभी खाली नहीं होते...!!