Monday, 27 November 2017

खुद को वो चाहे लाख मुकमल समझे,
लेकिन मेरे बिना वो मुझे अधूरे ही लगते है.......!! 

वो रख ले कहीं अपने पास हमें कैद करके,
काश की हमसे कोई ऐसा गुनाह हो जाये.......!! 
काश कोई दिन ऐसा भी आये हम, आपकी बाहों में समा जाएँ,
सिर्फ मैं और आप हो और, वक्त ही ठहर जाए......!!
इससे ज़्यादा आपको  कितना क़रीब लाऊँ मैं,
कि आपको  दिल में रख कर भी दिल नहीं भरता.....!! 
एक बार निगाहें उठाकर देख तो लो,
हम नही चाहते हमे कोई और देखे.......!!
हूँ परेशान मैं ये कहने के लिये,
आप ज़रूरी हो मेरे ज़िन्दा रहने के लिये.........!!
यकीन मानो ये महोब्बत इतनी भी आसान नहीं,
हज़ारों दिल टूट जाते हैं एक दिल की हिफाज़त में।

जिनके इरादे 'मेहनत' की स्याही से लिखे होत है... उनकी 'किस्मत' के पन्ने कभी खाली नहीं होते...!!